उलगुलान विद्रोह अथवा बिरसा मुंडा
उलगुलान विद्रोह 1899 से 1900 के बीच हुआ।
नेतृत्व करता बिरसा मुंडा
क्षेत्र - छोटा नागपुर (झारखंड - रांची खूंटी)
पृष्ठभूमि
अंग्रेजों ने अंग्रेजों ने मुंडाओं की सूट कटिंग व्यवस्था को समाप्त कर जमीदारी व्यवस्था लागू कर दिया
कर की दरें अधिक होने के कारण मुंडाओं ने ईसाई मिशनरी से सहायता मांगी परंतु परंतु उन्हें धर्म परिवर्तन करने को कहा गया धर्म परिवर्तन करने के बाद भी कोई लाभ नहीं हुआ।
1895 में बिरसा मुंडा ने ईश्वर के दर्शन का दावा किया तथा 1895 में बिरसायित संप्रदाय की स्थापना की।
1895 में बिरसा मुंडा को गिरफ्तार कर 2 वर्ष की सजा दी गई।
1898 में जेल से रिहा होने के बाद 1899 में 6- 7 हजार मुंडाओं ने दीकू और अंग्रेजो के खिलाफ विद्रोह कर दिया।
3 मार्च उन्नीस सौ को बिरसा मुंडा को गिरफ्तार कर उलगुलान विद्रोह का अंग्रेजों द्वारा दमन कर दिया गया
9 जून उन्नीस सौ को बिरसा मुंडा की मृत्यु हो गई।
विद्रोह का लाभ
छोटा नागपुर काश्तकारी अधिनियम 1908 लागू किया गया (१) खूट खटी व्यवस्था को स्वीकार आ गया।
(२) आदिवासी भूमिका स्थानांतरण गैर आदिवासी में नहीं होगा।
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महत्वपूर्ण प्रश्न -
1.मुंडाओं ने विद्रोह खड़ा किया-
(a) 1885 में
(b) 1888 में
(c) 1899 में
(d) 1890 में
उत्तर-(C)
2. उलगुलन विद्रोह किससे जुड़ा था?
(a) संथाल
(b) रामोसी
(c) कोल
(d) बिरसा मुंडा
उत्तर-(d)
मुंडा विद्रोह के नेता बिरसा मुंडा को धरती आबा (जगत पिता) और इनके विद्रोह को 'उलगुलन' (महाविद्रोह
या महान हलचल ) के नाम से जाना गया। यह विद्रोह इस अवधि का सर्वाधिक प्रसिद्ध आदिवासी विद्रोह
था। मुंडों की पारंपरिक सामूहिक खेती वाली भूमि व्यवस्था खूटकट्टी या मुंडारी के जमींदारी या व्यक्तिगत
भू-स्वामित्व वाली भूमि व्यवस्था में परिवर्तन के विरुद्ध मुंडा विद्रोह की शुरुआत हुई। लेकिन कालांतर में
बिरसा ने इसे धार्मिक, राजनीतिक आंदोलन का रूप प्रदान किया।
मुंडा आदिवासियों का विद्रोह 1899-1900 के बीच हुआ। 1895 ई. में बिरसा ने अपने आप को 'भगवान
का दूत’ घोषित किया और हजारों मुंडाओ ंका नेता बन गया। उसने कहा कि "दिकुओ ं (गैर-अदिवासियों) से
हमारी लड़ाई होगी और उनके खून से जमीन इस तरह लाल होगी जैसे लाल झंडा।" 1899 ई. में क्रिसमस
की पूर्वसंध्या पर बिरसा ने मुंडा जाति का शासन स्थापित करने के लिए विद्रोह का एलान किया। लगभग 6000 मुंडा तीर-तलवार तथा कुल्हाड़ी लेकर बिरसा के साथ हो लिए। लेकिन बिरसा को 3 मार्च, 1900 को चक्रधरपुर के जामकोपई जंगल में गिरफ्तार कर लिया गया और 9 जून, 1900 को वह जेल में मर गया। विद्रोह कुचल दिया गया पर बिरसा अमर हो गया।
3., का नेता कौन था?
(a) बिरसा
(b) कान्हू
(c) बुद्धू भगत
(d) सिदो
उत्तर-(a)
4. बिरसा को सोते हुए पकड़ा गया
(a) 9 जून, 1899
(b) 9 जून, 1900
(c) 3 मार्च, 1899
(d) 3 मार्च, 1900
उत्तर-(D)
बिरसा मुंडा को 3 मार्च, 1900 को चक्रधरपुर (सिंहभूम) के जामकोपाई (Jamkopai) वन में सोतेसमय गिरफ्तार कर लिया गया था और 9 जून, 1900 को जेल में ही रहस्यमय तरीके से उनकी मृत्युहो गई।
5. बिरसा मुंडा की मृत्यु हुई-
(a) 9 जून, 1899
(b) 9 जून, 1900
(c) 3 मार्च, 1899
(d) 3 मार्च, 1900
उत्तर-(B)
बिरसा मुंडा को 3 मार्च, 1900 को चक्रधरपुर (सिंहभूम) के जामकोपाई (Jamkopai) वन में सोतेसमय गिरफ्तार कर लिया गया था और 9 जून, 1900 को जेल में ही रहस्यमय तरीके से उनकी मृत्युहो गई।
6. जिस आदिवासी नेता को जगत पिता (धरती आबा) कहा जाता था, वह था-
(a) जोया भगत
(b) ठक्कर बापा
(c) सिदो मूर्मू
(d) बिरसा मुंडा
उत्तर-(d)
7. बिरसा मुंडा किसके पक्ष में थे?
(a) झारखंड
(b) उत्तरांचल
(c) छत्तीसगढ़
(d) इनमेंसेकोई नहीं
उत्तर-(d)
1899-1900 ई. के बीच मुंडा आदिवासियों ने बिरसा मुंडा के नेतृत्व में विद्रोह किया। यह विद्रोह भूमि
व्यवस्था में परिवर्तन एवं दिकुओ ं (आदिवासियों का शोषण करने वाले बाहरी लोग) के विरुद्ध था। बिरसा
द्वारा मुंडा जाति का शासन स्थापित करने की बात कही गई, परंतु वे किसी राज्य विशेष की स्थापना के पक्षधर नहीं थे।
8. बिरसा मुंडा का कार्य क्षेत्र कौन-सा था?
(a) चंपारन
(b) रांची
(c) बलिया
(d) बालासोर
उत्तर-(b)
बिरसा मुंडा का कार्यक्षेत्र रांची से लेकर भागलपुर तक था। बिरसा मुंडा का मुख्य उद्देश्य जनजातियों में
समाज सुधार करना एवं इन्हें ब्रिटिश सत्ता से दूर रखना था। बिरसा ने अनेक देवताओ ं (बोंगा) की पूजा को
छोड़कर अपने अनुयायियों से एक ईश्वर (सिंग बोंगा) की पूजा करने का आह्वान किया। मुंडा विद्रोह को दबाने के लिए ब्रिटिश सरकार ने सैनिक शक्ति का प्रयोग किया।
9.1857 के पश्चात निम्निलखित लोकप्रिय आंदोलन हुए-
1. संथाल विद्रोह
2. नील क्रांति
3. दक्खन कृषकों के दंगे
4. बिरसा मुंडा का विद्रोह
सही उत्तर चुनिए :
(a) 1,2,3
(b) 2,3,4
(c) 1,2,4
(d) 1,3,4
उत्तर-(b)
दिए गए विकल्पों में संथाल विद्रोह 1855-56 ई. में, नील विद्रोह 1859-60 ई. में दक्खन कृषकों के दंगे
1875 ई. में तथा बिरसा मुंडा विद्रोह 1899-1900 ई. में हुआ था। अतः स्पष्ट है कि इसका अभीष्ट उत्तर
विकल्प (b) होगा।
10.जनजातीय लोगों के संबंध में आदिवासी' शब्द का प्रयोग किया था-
(a) महात्मा गांधी ने
(b) ठक्कर बापा ने
(c) ज्योतिबा फु लेने
(d) बी.आर. अम्बेडकर ने
उत्तर-(b)
ठक्कर बापा ने जनजातीय लोगों के संबंध में आदिवासी शब्द का प्रयोग किया था। ये हरिजन सेवक
संघ के महासचिव थे। वर्ष 1933-34 के दौरान इन्हों ने गांधी जी के साथ हरिजनों की दशा देखने- जानने के लिए भारत का भ्रमण किया। ये सर्वेन्ट्स ऑफ इंडिया सोसाइटी के निष्ठावान सदस्य भी थे।
By- lbsnaa jeet
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